बायोस्टिमुलेंट (Bio Stimulant) को हिंदी में जैव-उत्तेजक कहते हैं, ये ऐसे प्राकृतिक या कृत्रिम पदार्थ और सूक्ष्मजीव होते हैं जो पौधों के विकास को बढ़ावा देते हैं, पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाते हैं, और सूखा, ठंड आदि अजैविक तनावों के प्रति पौधों की सहनशीलता में सुधार करते हैं. ये बीज अंकुरण, जड़ों के विकास, और फसल की गुणवत्ता में वृद्धि करके उत्पादकता बढ़ाते हैं और हानिकारक रसायनों के उपयोग को कम करते हैं.
मुख्य बिंदु:
क्या है: बायोस्टिमुलेंट (जैव-उत्तेजक) ऐसे पदार्थ या सूक्ष्मजीव हैं जो सीधे पोषक तत्वों की आपूर्ति न करते हुए भी पौधों की वृद्धि और स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं.
कार्य:
पौधों के शारीरिक प्रक्रियाओं को उत्तेजित करते हैं.
तनाव सहनशीलता: सूखे, ठंड, और अन्य प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों से लड़ने की पौधों की क्षमता बढ़ाते हैं.
पोषक तत्वों का अवशोषण: पौधों द्वारा मिट्टी से पोषक तत्वों को अधिक कुशलता से लेने में मदद करते हैं.
पौधों का विकास: बीज अंकुरण, जड़ों के विकास, फूलों के निर्माण और फल की गुणवत्ता को सुधारते हैं.
प्रकार:
ह्यूमिक और फुल्विक एसिड: मिट्टी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों के अपघटन से बनते हैं.
समुद्री शैवाल के अर्क: समुद्री शैवाल से निकाले जाते हैं.
लाभकारी सूक्ष्मजीव: जैसे कुछ लाभदायक बैक्टीरिया और कवक.
अन्य: कुछ तरल खाद और अमीनो एसिड भी बायोस्टिमुलेंट के रूप में काम करते हैं.
लाभ:
फसल की पैदावार में वृद्धि.
कृषि को टिकाऊ बनाने में सहायक.
रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है.
मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है.
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