ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर को हिंदी में जैविक खाद या जैविक उर्वरक कहते हैं। यह प्राकृतिक स्रोतों जैसे पौधों के अवशेषों, पशु अपशिष्ट (गोबर), और अन्य कार्बनिक पदार्थों से बनाया जाता है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और पौधों के विकास के लिए पोषक तत्व प्रदान करते हैं। जैविक खाद के प्रकार और स्रोत
गोबर की खाद: गोबर, गोमूत्र, गुड़ और चने के आटे को मिलाकर बनाई जाती है।
हरी खाद: यह विशेष रूप से उगाई गई फसलें होती हैं जिन्हें जुताई के बाद मिट्टी में मिलाया जाता है ताकि मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाई जा सके।
कम्पोस्ट: पत्तों, कृषि कचरे और अन्य जैविक पदार्थों को सड़ाकर बनाई जाती है।
अन्य स्रोत: मछली का पायस, रक्त और पंखों का चूर्ण, और समुद्री शैवाल भी जैविक खाद के स्रोत हैं। जैविक खाद के लाभ
मृदा स्वास्थ्य में सुधार: जैविक खाद मिट्टी को भुरभुरी बनाती है, हवा के संचार को बढ़ाती है और जल धारण क्षमता में सुधार करती है।
पोषक तत्वों की उपलब्धता: यह पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है और मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाती है।
मिट्टी के क्षरण में कमी: जैविक खाद मिट्टी के कटाव और क्षरण को कम करती है।
सहनशील खेती: रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती है।
उदाहरण
गोबर से बनी खाद
नीम की खली से बनी खाद [img2, img7]
कम्पोस्ट के रूप में बनाई गई खाद
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